Tuesday, October 6, 2020

1 जुलाई2020 के बाद सरल पोर्टल पर अपलोड डाउनलोड नहीं हो रहे बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट

 

अस्पतालों में नागरिकों के चक्कर ना लगे इसके लिए सरकार द्वारा Saral Portal पर शुरू की गई जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र सेवा एक जुलाई से बंद पड़ी है। इस वजह  से नागरिकों को भिवानी अस्पताल व नगर परिषद के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बलियाली निवासी आकाश ने यह बताया कि उसने सीएससी सेन्टर पर 4 जुलाई को जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अप्लाई.किया था।

अब भिवानी अस्पताल वाले उसे भिवानी अस्पताल में बुलवा रहे है। इसके अलावा प्रवीन कुमार, कपिल ने .बताया कि उन्होंने भी जुलाई में जन्म प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई किया था, परन्तु डेढ़ महीने के बाद आज तक भिवानी अस्पताल ने कोई प्रमाण नहीं भेजा, ना ही एनएसी जारी की है।

सरल पोर्टल के नियम

सरल पोर्टल के नियमों के अनुसार अगर कोई नागरिक किसी भी सरल केन्द्र या अटल सेवा केन्द्र से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई करता है तो उसे 30 दिन के अंदर जबाब दिया जाता है कि उसका प्रमाण पत्र उपलब्ध है या नहीं है। अगर उपलब्ध है तो उस के जन्म प्रमाण पत्र को सरल पोर्टल पर अपलोड  किया जाता है। उसके बाद अटल सेवा केन्द्र इंचार्ज उस प्रमाणपत्र को डाउनलोड कर उपभोक्ता को जारी कर देता है। अगर नही है तो उसकी एनएसी जारी कर दी जाती है।


Friday, August 30, 2019

शादी का पंजीकरण कराओ, फिर अनुदान के लिए आओ shadi anudan online

शादी अनुदान shadi anudan online राशि के लिए उम्मीद लगाए बैठे दिव्यांगों को अब थोड़ी और मशक्कत करनी पड़ेगी। आवेदन के साथ विवाह shadi का पंजीकरण प्रमाण पत्र भी देना होगा। पंजीकरण न होने की स्थिति में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। इच्छुक आवेदकों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं। दिव्यांग जनसशक्तीकरण विभाग शादी विवाह shadi प्रोत्साहन पुरस्कार योजना संचालित कर रहा है। इसके तहत अनुदान की अलग-अलग राशि तय की गई है। गोंडा जिला दिव्यांग जनसशक्तीकरण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि दंपती को योजना का लाभ लेने के लिए निवास, आयु, दिव्यांग प्रमाण पत्र के साथ ही विवाह (shadi) पंजीकरण पत्र की छायाप्रति जमा करनी होगी। 

क्या है पात्रता शर्त shadi anudan

-दंपती भारत के नागरिक हों, उत्तर प्रदेश up के स्थायी निवासी या कम से कम पांच वर्ष से अधिवासी हों, कोई भी सदस्य आपराधिक मामले में दंडित न किया गया हो, शादी shadi के समय युवक की आयु 21-45 व युवती की उम्र 18-45 वर्ष हो। विवाह सामान्य युवक, युवती या दिव्यांग में प्रचलित समाज की रीति-रिवाज के अनुसार हुआ हो या सक्षम न्यायालय द्वारा कानूनी विवाह किया गया हो।इसके अलावा दुकान निर्माण योजना का लाभ मिलेगा। 

किसको कितनी मिलेगी राशि shadi anudan online 

-युवक के दिव्यांग होने पर सामान्य युवती द्वारा विवाह करने पर 15000 रुपये, दिव्यांग युवती के सामान्य युवक से शादी करने पर 20000 रुपये, युवक व युवती के दिव्यांग होने की स्थिति में 35000 रुपये अनुदान की राशि दी जाएगी। इसके लिए Shadi Anudan आवेदक को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही हार्डकॉपी जमा करना होगा।

Saturday, January 19, 2019

जागरूक नागरिक बनें, एक क्लिक में निस्तारित होगी समस्या यूपी भूलेख



दैनिक जागरण के कार्यक्रम प्रश्न प्रहर में गुरुवार को सम्मानित पाठकों के सवालों का जवाब देने के लिए राब‌र्ट्सगंज स्थित कार्यालय में मौजूद रहे जिला सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता। उन्होंने ने दोपहर 12 से एक बजे तक पाठकों के सवालों का जवाब फोन पर दिए। ऑनलाइन व्यवस्थाओं को विस्तार से बताया और कहा कि स्मार्ट फोन रखते हैं तो स्मार्ट बनिए, जागरूक बनें और उसी के अनुसार काम करें। आपकी समस्या बस एक क्लिक में हल हो जाएगी। उन्होंने सहज जनसेवा केंद्रों के लिए आवेदन करने के तरीके से लेकर ऑनलाइन शिकायत और उसके निस्तारण की स्थिति देखने का भी तरीका बताया।

सवाल : फसल ऋण मोचन के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जाता है।
जवाब : अपने नजदीक के सहज जनसेवा केंद्र या साइबर कैफे पर जाएं, वहां से आवेदन आसानी से हो सकता है। आपके पास कंप्यूटर, इंटरनेट है तो आप घर बैठे कर सकते हैं। इसके लिए ऋण मोचन की वेबसाइट खोलें और उसे फार्म डाउनलोड कर लें। उसे भरकर कलेक्ट्रेट में बने कक्ष या कृषि अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दें। 31 जनवरी के पहले आवेदन करने का मौका है।
सवाल : दुद्धी तहसील में सूचना विज्ञान केंद्र पहले चलता था, अब बंद हो गया है।
जवाब : दुद्धी में केंद्र खोलने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। अगर संभव होगा तो खुलेगा।
सवाल : छात्रवृत्ति के लिए हमने आवेदन किया था, आगे कुछ पता नहीं चल पाया क्या हुआ।
जवाब : जब आप ऑनलाइन आवेदन किए होंगे तो एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिला होगा। अपने मोबाइल पर छात्रवृत्ति वाली वेबसाइड खोलकर उसका स्टेटस जांच सकते हैं।
सवाल : हम अपने हिस्से की जमीन की जानकारी कैसे प्राप्त करें।
जवाब : इसके लिए बिल्कुल आसान तरीका है। बस आप अपने स्मार्ट फोन में यूपी भूलेख डाट जीओवी डाट इन लिखें और पेज खुलकर आ जाएगा। उसमें से जो आपको चाहिए उस पर क्लिक करके खोल सकते हैं। ( भूलेख यू पी )
सवाल : क्या घर बैठे किसी मामले की शिकायत की जा सकती है।
जवाब : हां, बिल्कुल की जा सकती है। अब समय बदल रहा है। आपको भी स्मार्ट बनना होगा। बस आइजीआरएस की वेबसाइट पर जाएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के बाद निस्तारण की आख्या भी लगती है। उसकी स्थिति भी आप उसी वेबसाइट पर देख सकते हैं।
सवाल : हमने बिजली चोरी के मामले की शिकायत 2017 में की थी, आज तक लंबित क्यों है।
जवाब : ऐसा होना नहीं चाहिए। अगर ऐसा है तो मैं इसे तत्काल देखता हूं। इन्होंने फोन कर पूछा सवाल
प्रश्न प्रहर कार्यक्रम में गुरुवार को करगरा चोपन से डा. सुरेंद्र नाथ मौर्या, दुद्धी से अमरनाथ, ¨सदूरी से बाबूलाल, अरंगी से रामलाल जायसवाल, ओबरा से गौरव शर्मा, लोढ़ी से रामदुलारे, नरंगा से उदय प्रताप शर्मा, डेहरी से सोहनलाल, रामगढ़ से अखिलेश कुमार, सुकृत से राम प्रवेश समेत अन्य लोगों ने फोन कर सवाल पूछा।







Mahabhulekh महाभूलेख महाराष्ट्र राज्य (महाराष्ट्र शासन) भूमि अभिलेख गाव नमुना नंबर 7/12 और 8अ मालमत्ता पत्रक

एक क्लिक पर मिलेगी पट्टों की जानकारी,नागौर जिला प्रशासन ने तैयार करवाया एप



नागौर. भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज के रूप में सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला पट्टा देखने के लिए लोगों को पंचायत कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ई जमाबंदी की तर्ज पर अब पट्टाधारक एक क्लिक पर अपना पट्टा ऑनलाइन देख सकेंगे। Nagaur जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम की पहल पर यह नवाचार किया जा रहा है। जिसके तहत एक एप पर लोगों को अपने पट्टे की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। व्यक्ति कहीं पर भी बैठकर महज एक क्लिक पर पट्टा देख सकेगा। 
ऑनलाइन मिलेगी जानकारी 
प्रशासन ने ई जमाबंदी की तर्ज पर जिले भर की ग्राम पंचायतों के पट्टे स्कैन कर एप पर डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्राम पंचायतों में अभियान के तहत शिविरों में बने पट्टे भी ग्रामसेवकों की मदद से अपलोड किए जाएंगे। गौरतलब है कि राजस्थान अपना खाता राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है जो भूमि रिकॉर्ड की जानकारी प्रदान करती है। राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम से संबंधित विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं मिल जाती है। इसमें ऑनलाइन जमाबंदी, ऑनलाइन नकल और खसरा नक्शा की जांच की जा सकती है। 
करीब 24 हजार पट्टे अपलोड 
राजस्थान अपना खाता की तर्ज पर प्रदेश में पहली बार एप के जरिए जिले की किसी भी तहसील की ग्राम पंचायत से जुड़े पट्टाधारक अपना पट्टा देख सकेंगे। अब तक करीब 24 हजार पट्टे स्कैन कर एप पर अपलोड किए जा चुके हैं। बहुत जल्द जिले की सभी 467 ग्राम पंचायतों के पट्टे उपलब्ध होंगे। इसके लिए व्यक्ति को नागौर जिले की तहसील व उसके बाद ग्राम पंचायत का विकल्प चुनकर अपना नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल या कम्प्यूटर की स्क्रीन पर पट्टा देखा जा सकेगा।
ऑनलाइन दिखेंगे पट्टे 
ई जमाबंदी की तर्ज पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पट्टे ऑनलाइन करने के लिए एप तैयार करवाया गया है। एप पर करीब 24 हजार पट्टे अपलोड किए जा चुके हैं, जल्द इसका शुभारंभ किया जाएगा।  
जिला कलक्टर, नागौर

Thursday, January 3, 2019

सर्दियों में हल्दी, तुलसी और अदरक के फायदे


 







          मौसम बदलने के कारण बहुत सारे लोगों में विविध तरह की बीमारियां पाई जाती है |जैसे कि किसी के शरीर पर खुजली ,किसी को सर्दी, जुकाम या खासी ऐसी कई बीमारियां  होती है |इनमें से सबसे ज्यादा परेशान सर्दी ही कर देती है | इससे किसी भी काम में मन नहीं लगता | सर्दी से राहत पाने के लिए आपके किचन में मौजूद चीजों से बहुत सारी बीमारियों का  इलाज हो सकता है | इसमें आपको खानपान का बहुत ज्यादा ख्याल रखना चाहिए| ताजा एवं गरम भोजन खाना चाहिए | यह करने के अलावा कुछ खास चीजों का भी सेवन करें तो बहुत सारी  समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते |


हल्दी, अदरक और तुलसी इन तीन चीजों से आप अपने सर्दी जुकाम भगा सकते हो|


     हल्दी:

 

      हल्दी, अदरक और तुलसी यह तीन चीजें खासकर ठंडी के मौसम में लेने से आपकी इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत  करती है | पेक्रियाज के इंफेक्शन को भी दूर करती है | तीनों चीजों से आपका कफ  कम होता है | ठंडी के दिनों में जोड़ों का भी दर्द बढ़ जाता है| जोड़ों के दर्द के लिए हल्दी बहुत उपाय कारक है| हल्दी जोड़ों  की कोशिकाओं को नरम करती है जिससे आपको चलने फिरने में कोई समस्या नहीं होती


इसे कैसे लिया जाए ? 


          एक चौथाई  या आधा टी स्पून हल्दी पाउडर गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लेना चाहिए| यह शरीर के अंदर गरम करके फेफड़ों से कफ कम करता है| जिन लोगों में सर्दी खांसी की समस्या है उनके लिए हल्दी बहुत ही फायदेमंद है|


 अदरक


    अदरक  हमारी पाचन क्षमता बढ़ाती है| जिन्हें खासि- सर्दी की समस्या है, उनके लिए भी अदरक फायदेमंद है| अदरक आपके फेफड़ों को गर्म करती है| इसे आप चाय में भी इस्तेमाल कर सकते हैं


 इसे लेने का तरीका


        एक कप गुनगुने पानी में 1 टीस्पून किसा हुआ अदरक मिला ले| इस पानी को छानकर नाश्ते और डिनर से पहले पिए |


तुलसी


         ज्यादा सर्दी होने के कारण स्वास्थ्य/ श्वास  की बीमारियां बढ़ती है|ऐसे में आपको तुलसी का इलाज फायदेमंद हो सकता है| यह सर्दी कम करके सांस लेना आसान करती है| तुलसी रोगप्रतिकारक शक्ति मजबूत करती है| इससे आपकी सर्दी खांसी कम करने में मदद होती है


 इसे  कैसे  लिया जाए?


         तुलसी की 10 12 पत्तियां एक गिलास पानी में गुड़ के साथ मिलाकर आधा होने तक उबाले | गुनगुना होने के बाद इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं | इसे रोज सुबह शाम ले|


Thursday, September 20, 2018

भारतीय महिला हॉकी टीम 20 साल बाद पहुंची फाइनल में




भारतीय महिला हॉकी टीम ने कड़े मुकाबले में तीन बार की चैम्पियन चीन को 1-0 से हराकर 20 साल में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में प्रवेश किया। गुरजीत कौर के 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से किये गये गोल ने दोनों टीमों के बीच अंतर पैदा किया। इस सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक और तेज तर्रार खेल की कमी दिखी। लेकिन यह प्रदर्शन भारत को 1998 बैंकाक एशियाई खेलों के बाद फाइनल में पहुंचाने के लिये काफी रहा। भारत ने पहली और एकमात्र बार खिताब 1982 में जीता था जब महिला हाकी ने एशियाई खेलों में पदार्पण किया था। भारत का सामना अब फाइनल में जापान से होगा जिसने दूसरे सेमीफाइनल में पांच बार के चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर उलटफेर किया। भारत और चीन दोनों टीमें इस मैच के दौरान मैदान में मौके बनाने में असफल रहीं।

स्वर्ण पदक के लिए जापान से होगा मुकाबला 
 
भारतीय कोच सोर्ड मारिने ने कहा, 'टीम निश्चित रूप से पहले हाफ में अपनी काबिलियत के अनुसार नहीं खेल सकी। लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने थोड़ा सुधार किया और मैं इन लड़कियों के लिये काफी खुश हूं। मुझे पता है कि इन्होंने यहां पहुंचने के लिये कितनी कड़ी मेहनत की है। इस टूर्नामेंट के लिये उन्होंने काफी मेहनत की है। जापान के खिलाफ मुकाबला चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन टीम इसके लिये तैयार है।' भारत ने पहला पेनल्टी कार्नर आठवें मिनट में ही हासिल कर लिया लेकिन गुरजीत कौर के शाट का गोलकीपर ने शानदार बचाव किया। पहले क्वार्टर में भारत ने गोल करने के चार मौके जुटाये लेकिन इन्हें गोल में तब्दील करने में असफल रहा। 13वें मिनट में टीम गोल करने के करीब आ गयी थी लेकिन गोलमुख पर खड़ी नवजोत गोलकीपर को छका नहीं सकी। चीन ने दूसरे क्वार्टर के शुरू होते ही 18वें मिनट में पेनल्टी कार्नर प्राप्त किया लेकिन जिजिया ओऊ का डिफ्लेक्शन शाट निशाना चूक गया।

नई मर्सिडीज-बेंज सी क्लास लांच, कीमत 40 लाख रुपए से शुरू





लक्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारतीय बाजार में मर्सिडीज-बेंस सी क्लास का नया संस्करण लांच किया, जो इसकी पांचवी पीढ़ी की कार है। 
इस कार की कीमत
 40 लाख रुपये से शुरू होती है और पहली बार सी-क्लास को बीएस 6 डीजल इंजन के साथ पेश किया गया है। कंपनी ने बताया कि नई सी 220 डी प्राइम की कीमत 40 लाख रुपये, सी 220 डी प्रोग्रेसिव की 44.25 लाख रुपये और सी 300 डी एएमजी लाइन की 48.50 लाख रुपये है।

      मर्सिडीज-बेंज इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) माइकल जोप ने लांचिंग के मौके पर कहा, “बेहद आकर्षक उत्पाद पेश करना और उन्हें निखारते रहना हमारी सफलता का मुख्य आधार रहे हैं। नई सी-क्लास के लांच के साथ, मर्सिडीज-बेंज ने एक बार फिर लक्जरी सेडान सेगमेंट में बहुत ऊंचे मानक स्थापित कर दिए हैं। यह सी-क्लास के इतिहास में सबसे बड़ा मॉडल अपडेट है। कुल मिलाकर, हमने लगभग 6500 पुरजों को बदल दिया है, जो कि औसत सी-क्लास सेडान के पुरजों की संख्या के आधे से अधिक हैं। आज हमने जो सी-क्लास लॉन्च की, वह अब तक की सबसे स्पोटीर् और सबसे डायनैमिक है।”

कंपनी ने एक बयान में कहा कि नई सी-क्लास में बेजोड़ लक्जरी के साथ प्रोग्रेसिव डिजाइन डायनैमिक्स, सवोर्त्कृष्ट लक्जरी सामग्रियों, अत्याधुनिक मल्टीमीडिया सिस्टम और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स का अद्भुत मेल हैं। नई सी-क्लास रेंज में सी 220 डी प्रोग्रेसिव, सी 220 डी प्राइम और सबसे दमदार सी 300 डी एएमजी लाइन शामिल हैं। नई सी-क्लास नए और ताकतवर बीएस 6 इंजन से लैस है। सी 220 डी और सी 300 डी एएमजी लाइन में चार-सिलेंडर ओएम 654 डीजल पावर ट्रेन इंजन दिया गया है।

वजन कम करने के लिए ये 3 एक्सरसाइज हैं बड़े काम की, जानें इनके बारे में





वजन कम करने के लिए 
सबसे जरूरी है कि सप्ताह में या रोज कुछ समय के लिए एक्सरसाइज की जाए। कुछ एक्सरसाइज वजन कम करने में बहुत ही मददगार होती हैं। सुबह के समय की गई एक्सरसाइज बहुत फायदा करती है। लेकिन बदलती लाइफ स्टाइल में जब समय मिले लोग व्यायाम कर रहे हैं। खासतौर पर एक्सरसाइज तब करनी चाहिए, जब दिमाग तनावमुक्त हो। एक्सरसाइज एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए।

दऱअसल व्यायाम करते समय शरीर से वसा और काबरेहाइड्रेट दोनों कम होते हैं। इसलिए कोशिश करें कि एक्सरसाइज से एक घंटा पहले नींबू पानी और कुछ फाइबर बिस्कुट ले लें, इससे आप जल्दी थकेंगे नहीं। इसके साथ ही बहुत अधिक पानी पीकर व्यायाम न करें।

 पढ़ें वजन कम करने वाली एक्सरसाइज:



स्किपिंग: 10 मिनट तक रस्सी कूदना 8 मिनट तक दौड़ने के बराबर होता है। रोजाना 10-15 मिनट रस्सी कूदने से आपकी 200-300 कैलोरी बर्न होती है। इससे आप सप्ताह में 1000 प्लस कैलोरी बर्न कर सकती हैं।



तैरना: तैरना भी एक तरह की एक्सरसाइज है जो आपको वजन कम करने में मदद करती है। इससे आपकी पूरी बॉडी का वर्कआउट तो ही जाता है साथ ही यह मांसपेशियों को टोन करती हैं। यह जोड़ों में असर नहीं डालती इसलिए अर्थाराइटिस के लोगों को स्विमिंग करने की सलाह दी जाती है। न्यूट्रिशनिस्ट पायल कोठारी के अनुसार एक घंटे की स्विमिंग से आप 400 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। लेकिन स्विमिंग करने से पहले से एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें ले।

वॉक करना: जो लोग जिम नहीं जा सकते वो वॉक करके वजन कम कर सकते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो फिजिकल एक्टिविटा बढ़ाकर आप फिटनेस इंप्रूव कर सकते हैं।

लेग रेज (Leg Raise)- सबसे आसान एक्सरसाइज में से एक है ये एक्सरसाइज. इससे पेट की चर्बी कम हो जाती है और जांघों का थुलथुलापन भी कम होता है. इस एक्सरसाइज को करने से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है. आप इसे करने के लिए बिस्तर पर सीधा लेट जाएं. अब दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाते हुए जोड़ लें. अब आप जितनी देर होल्ड कर सकें कर लें. अब वापस पैरों को बेड पर लाएं और फिर से रिपीट करें. आपको इसे कम से कम 15 मिनट तक करना है.

 विंडशील्ड वाइपर- बेड पर लेट कर आप इस आसान एक्सरसाइज को भी कर सकते हैं. इस एक्सरसाइस से पैरों को स्ट्रेंथ मिलती है. पेट और जांघों की चर्बी कम होती है. इस एक्सरसाइज को करने में आपको कार के वाइपर की तरह अपने पैरों को हिलाना है. इसके लिए बेड पर सीधा लेट जाएं अब दोनों हाथों को दोनों दिशा में बिल्कुल हल्का छोड़ते हुए फैला लें. अब पैरों को आपस में मिलाएं और ऊपर उठाते हुए से 90 डिग्री का कोण बनाते हुए सीधा रखें. अब पैरों मिलाकर चारों दिशाओं में घुमाते हुए एक बड़ा गोल चक्कर लगाएं. आप इसे जितनी देर कर सकते हैं कर लें. इससे आपका वजन कम करने में मदद मिलेगी.

 क्रंचेज (Crunches)-रोज बेड पर लेटकर आप क्रंचेज भी कर सकते हैं. इससे पेट पर जमा चर्बी को कम किया जा सकता है. क्रंचेज करने से शरीर के ऊपरी हिस्से को काफी फायदा मिलता है. क्रंचेज करने के लिए बिस्तर पर सीधे लेट जाएं. अब पैरों को सामने की ओर हवा में उठा लें. अब दोनों हाथों को अपने सिर के नीचे ले जाएं और उंगलियों को लॉक कर लें. अब अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाते हुए उठें और फिर लेट जाएं. इसे आप करीब 15 मिनट तक करें. शुरुआत में धीरे-धीरे करें और फिर स्पीड बढ़ा दें.

हाई बीपी के ये 4 लक्षण आप नजरअंदाज तो नहीं कर रहे है


 

हाई ब्लड प्रेशर के सामान्य लक्षण क्या है?

  • दृष्टि में परिवर्तन
  • छाती में दर्द
  • चक्कर आना
  • सांस लेने में मुश्किल
  • अनुवांशिक
  • पेशाब में खून आना
  • सिरदर्द रहना
  • नाक से ब्लड आना

  हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों को समझना मुश्‍किल होता है, क्‍योंकि यह तभी उभर कर पूरी तरह सामने आते हैं जब स्‍थिति गंभीर हो जाती है। मगर आप कुछ बातों के आधार पर अपनी सेहत का ध्‍यान रख सकते हैं। यह संकेत आपको बता देंगे कि आने वाले समय में आपको इस गंभीर बीमारी का खतरा तो नहीं है।

    ब्रिटेन में एनएचएस के अनुमान के मुताबिक 25 फीसदी वयस्‍कों में हाई बीपी की आशंका होती है। इसके लिए आपका खानपान आपका आरामतलब जीवनशैली जिम्‍मेदार हो सकती है। हाई बीपी को हाईपरटेंशन भी कहते हैं। इसकी वजह से धमनियों पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इसके 4 प्रमुख कारण 

सिरदर्द
आज की जिंदगी में सिरदर्द बहुत आम समस्‍या है। यह ठंड, तनाव और डिहाईड्रेशन की वजह से भी हो सकता है। मगर बार-बार उठने वाला गंभीर सिरदर्द हाईपरटेंशन का शुरुआती लक्षण हो सकती है। पानी पीने और आराम करने से सिरदर्द में राहत मिलती है। अहम बात यह है कि बीपी हाई हो या लो, दोनों में ही सिरदर्द होता है। जितना गंभीर हाईपरटेंशन होगा, उतना ही गंभीर सिरदर्द भी होगा। खतरनाक स्‍तर का हाईपरटेंशन होने से हार्ट स्‍ट्रोक भी हो सकता है।

मितली आना
ब्‍लड प्रेशन में अचानक बदलाव आने से मितली की शिकायत हो सकती है। दरअसल, ब्‍लड प्रेशर में बदलाव का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। कुछ लोगों को लगता है कि उनका पेट खराब हो गया है। बीपी में उतार-चढ़ाव से यह समस्‍या हो सकती है, जिससे मितली या उल्‍टी आ सकती है।

पसीना आना
तनाव से ब्‍लड प्रेशर बढ़ता है। इससे पैनिक अटैक या एंजाइटी भी हो सकती है। इस तरह के हाई बीपी में काफी ज्‍यादा पसीना आता है या नसों में झनझनाहट महसूस होने लगती है। यह लक्षण शरीर में एडरिनेलाइन रसायन के स्‍तर में तेज उतार-चढ़ाव की वजह से हो सकता है।

सांस घुटना
सांस लेने में परेशानी महसूस होना भी ब्‍लड प्रेशर बढ़ने का संकेत है। यह कार्डियोवास्‍कुलर सिस्‍टम में उतार-चढ़ाव के कारण हो सकता है। दिल शरीर में खून का संचार करने के लिए जिम्‍मेदार होता है। इसके जरिये फेफड़ों में पहुंचने वाले खून की सफाई भी होती है। जब बीपी बढ़ जाता है, यह सर्कुलेशन गड़बड़ हो जात है। इसी की वजह से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।

राहत की उम्मीद: GST काउंसिल की अगली बैठक में सस्ती हो सकती हैं कई वस्तुएं




जीएसटी(GST) काउंसिल की 30वीं बैठक 28-29 सितंबर को होगी। इस बैठक में सीमेंट, एयर कंडीशनर, बड़े साइज के टीवी के अलावा कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटाई जा सकती है। जीएसटी काउंसिल के जुड़े एक सदस्य ने बताया कि काउंसिल अगली बैठक में कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटा सकता है। हालांकि, इसका दायरा सीमित होगा क्योंकि जीएसटी कलेक्शन अभी भी स्थिर नहीं हुआ है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार जीएसटी के 28 फीसदी वाले कर स्लैब में से कुछ वस्तुओं को बाहर निकालकर आम लोगों को राहत दे सकती है।

       सीमेंट, एयर कंडीशनर और बड़ी स्क्रीन वाले टीवी 28 फीसद के टैक्स ब्रैकेट में अभी है। इसको बाहर निकाला जा सकता है। इससे पहले जीएसटी काउंसिल अपनी जुलाई की बैठक में 100 से अधिक उत्पादों पर कर की दरों में संशोधन कर चुकी है जिसमें रेफ्रिजरेटर, छोटी स्क्रीन वाले कलर टीवी और वाशिंग मशीन पर कर की दरों में संशोधन कर चुका है। इसके साथ ही इस बैठक में एमएसएमई सेक्टर को भी राहत दी सकती है। एमएसएमई सेक्टर जीएसटी लागू होने के बाद से कई तरह की रियायतें की मांग कर रहा है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने पर चर्चा किया जा सकता है।

पंखा निर्माताओं ने दरों में कमी की मांग
संगठित क्षेत्र के पंखा उत्पादक अपने उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी चाहते हैं। वे चाहते हैं कि पंखे को जीएसटी की 18 प्रतिशत की दर से हटाकर 12 फीसदी के दायरे में लाया जाए। इसके संबंध में अपनी मांगों को वे पहले ही जीएसटी परिषद के समक्ष रख चुके हैं। इंडियन फैन मैन्यूफैक्चर एसोसिएशन (आईएफएमए) ने कहा कि भारत जैसे उष्ण कटिबंधीय जलवायु वाले देश में पंखा बुनियादी जरूरत है और समाज का हर तबका इसका इस्तेमाल करता है। आईएफएमए के उपाध्यक्ष अतुल जैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि संगठित क्षेत्र में हर साल 5.4 पंखे बनाये जाते हैं और उद्योग की प्रगति जीडीपी की गति के अनुरूप है।

Monday, September 10, 2018

शुगर-फ्री डाइट मोटापा और डायबिटीज कंट्रोल करती है, रोजाना 350 कैलोरी से अधिक शक्कर लेने से बढ़ता है बीमारियों का खतरा






नेशनल न्यूट्रिशन वीक: शुगर-फ्री डाइट मोटापा और डायबिटीज कंट्रोल करती है, रोजाना 350 कैलोरी से अधिक शक्कर लेने से बढ़ता है बीमारियों का खतरा


हेल्थ डेस्क. इनदिनों शुगर फ्री डाइट का चलन बढ़ रहा है। कारण बढ़ता मोटापा, डायबिटीज के रोगी और बिगड़ता मेटाबॉलिज्म है। बिना चीनी वाला भोजन कई तरह की बीमारियों से भी बचाने के साथ वजन कंट्रोल रखता है। इस डाइट में ज्यादातर फूड पोषक तत्व से भरपूर होने के साथ नेचुरल सोर्स से जुड़े होते हैं। हर साल 1-7 सितंबर के बीच नेशनल न्यूट्रिशन वीक मनाया जाता है। इस साल की थीम है 'गो फर्दर विद् फूड'। इस थीम के मुताबिक ऐसे फूड को डाइट में शामिल करना है जो सीधे नेचर से मिल रहे हैं और पोषक तत्वों से भरपूर हैं। न्यूट्रिशनिस्ट सुरभि पारीक से जानते हैं क्या है शुगर फ्री डाइट और यह कैसे काम करती है।



शुगर-फ्री भोजन का मतलब है कि उसमें जरूरत से ज्यादा चीनी का न होना। इसमें सिंपल कार्बोहाइड्रेट भी शामिल है। रोजाना 350 कैलोरी से अधिक शुगर लेने से मोटापा, मधुमेह और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा शुगर लेना शरीर के इम्यून सिस्टम को भी कमजोर बनाता है। कुछ लोग सोचते हैं कि शुगर-फ्री भोजन का अर्थ है हर तरह की चीनी लेना बंद कर देना। लेकिन ऐसा नहीं है। इसमें अनाज और फलों शामिल करें लेकिन ध्यान रखें कि प्रोसेस्ड अनाज जैसे मैदा से बचें। ऐसे फल जो अधिक मीठे होते हैं जैसे आम, लीची, केला और चीकू को कम मात्रा में ही लें। इनके अलावा स्वाद में कम मीठे फलों को खा सकते हैं।

कैसे करता है काम
शुगर-फ्री भोजन करने से ब्लड शुगर में अचानक बदलाव नहीं आता। इन्हें लेने से मैटाबोलिक रेट में सुधार होता है और आप पेट भरा हुआ महसूस करते हैं। आप के शरीर में प्रोटीन और वसा से ऊर्जा पैदा होती है। इससे धीरे-धीरे वजन भी कम होने लगता है। ऐसे भोजन में कई खाने वाली चीजों को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। कुछ को ही शामिल किया जाता है। खट्टे फल ज्यादा खाए जाते हैं।

क्या खाएं

- ज्यादा फाइबर वाली चीजें जैसे ब्रोकली, चाइना सीड, बैरी, टमाटर, ब्राउन राइस आदि।
– हेल्दी फैट जैसे जैतून का तेल, अखरोट, बादाम और कद्दू के बीज आदि लें।
– दालें, बींस, सालमन फिश, अंडे, कच्चा चीज आदि
- मौसमी सब्जियों और फलों को जरूर डाइट में शामिल करें।
- कोशिश करें कि प्रकृति के नजदीक रहें यानी जो कुछ भी खा रहें हैं वो सीधे उसकी स्वरूप में खाएं जिस स्वरूप में पैदावार हो रही है। इसे प्रोसेस करके न खाएं।
- खाना बनाने का तरीका बदलें जैसे कुछ सब्जियों को बॉयल करें या रोस्ट करके खाएं ताकि इनके पोषक तत्व न खत्म हों।

क्या न खाएं
– जंक फूड, मिठाई, कैंडी और रिफाइंड अनाज से बनी चीजें।
– सोडा, मीठे पेय, गन्ने से बनी चीनी और टेबल शुगर।

शुगर-फ्री भोजन के फायदे
– वजन घटता है और डायबिटीज का खतरा कम होता है।
– लंबे समय तक ऊर्जा देता है। नेचुरल शुगर में सिंपल कार्बोहाइड्रेट होते हैं। ये जल्दी पचते हैं और तुरंत खून में चले जाते हैं।
- शुगर-फ्री चीजों को पचने में ज्यादा समय लगता है। इससे दिनभर ब्लड शुगर का लेवल एक जैसा बना रहता है।
– शुगर-फ्री भोजन उम्र के प्रभाव को कम करके लंबे समय तक जवां दिखने में मदद करता है।
– पाचनतंत्र की बात करें तो कम चीनी और ज्यादा फाइबर वाला भोजन इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी आंतों का रोग, पेट फूलना, कैंडिडा, बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाए रखता है।
– चीनी का सेवन कम करने से फैटी लिवर रोग की आशंका कम हो जाती है।
– शुगरफ्री भोजन की मदद से शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है

पहली बार सौतेले भाई अर्जुन कपूर की बर्थडे पार्टी में शामिल हुईं श्रीदेवी की बेटियां, जाह्नवी ने इमोशनल मैसेज भेजकर किया विश









33 साल के हुए अर्जुन कपूर। जाह्नवी कपूर ने बहन अंशुला और खुशी के साथ भाई अर्जुन की फोटो शेयर कर किया विश।





मुंबई.एक्टर अर्जुन कपूर 33 साल (26 जून) के हो गए हैं। उन्होंने देर रात अपना बर्थडे फैमिली के साथ सेलिब्रेट किया। ये पहला मौका है जब उनकी सौतेली बहनें जाह्नवी और खुशी कपूर भी उनकी बर्थडे सेलिब्रेशन में शामिल हुईं। दोनों पापा बोनी कपूर के साथ भाई अर्जुन के घर पहुंची थीं। दोनों बहनें फॉर्मल लुक में थीं। जाह्नवी ने जहां जीन्स-टी-शर्ट पहन रखा था वहीं, खुशी शॉर्ट्स और टी-शर्ट में नजर आईं। जाह्नवी ने अपने अर्जुन भैया को इंस्टाग्राम पर भी बर्थडे विश किया। उन्होंने एक फोटो शेयर करते हुए लिखा - 'आप हमारी ताकत हैं, लव यू , हैप्पी बर्थडे अर्जुन भैया'।



अर्जुन की बहन अंशुला ने भी भाई के साथ अपनी एक बचपन की फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की। अंशुला ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, 'Happy birthday Bhai ❤️ You are genuinely the kindest, most hardworking, strongest & funniest person I know, with the biggest heart. You’ve always been our “protector” & my anchor in more ways than one - my steadfast support, my shelter from the storm, my strength & my emotional cornerstone. I will always be grateful that you’ve been with me through it all, making sure we are strong enough to withstand anything & that we will always come out on the other side unscathed. Always continue marching to your own beat, because we wouldn’t have you be any other way❣️love you to infinity @arjunkapoor 😘💥💯'

श्रीदेवी के निधन के बाद से अर्जुन कपूर अपनी सौतेली बहनें जाह्नवी-खुशी के करीब आ गए हैं। वरना हालात ये थे वे इन बहनों को देखना भी पसंद नहीं करते थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, जाह्नवी और खुशी उनकी बहनें नहीं है। उनका खुशी और जाह्नवी से कोई रिश्ता नहीं है। हम लोग ज्यादा नहीं मिलते और ना ही साथ में समय बिताते हैं। यह रिश्ता मायने नहीं रखता। इतना ही नहीं वे श्रीदेवी को भी पसंद नहीं करते थे। उन्होंने श्रीदेवी के लिए कहा था कि वे सिर्फ उनके पिता यानी बोनी कपूर की वाइफ हैं। बता दें कि अर्जुन बोनी की पहली पत्नी मोना कपूर के बेटे हैं। अर्जुन की एक बहन अंशुला हैं। जून, 1996 में बोनी ने श्रीदेवी से दूसरी शादी कर ली थी। इस बात ने अर्जुन कपूर की मां मोना को काफी दुख पहुंचाया।

ATM कार्ड गुमने पर बैंक गए बगैर मोबाइल से कार्ड को ऐसे कर सकते हैं ब्लॉक









ATM कार्ड गुमने पर बैंक गए बगैर मोबाइल से कार्ड को ऐसे कर सकते हैं ब्लॉक


यूटिलिटी डेस्क. अगर आपका एटीएम कार्ड किसी ने चुरा लिया है या फिर कहीं गिर गया है तो उसे ब्लॉक कराना बहुत जरूरी है। आप ऐसा नहीं कराते हैं तो आपको लंबी चपत लग सकती है। इसके लिए कुछ लोग बैंक जाते हैं कुछ Sms करते हैं। लेकिन आज हम आपको इन दोनों से हटकर ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं। इसमें आप अपने मोबाइल से एटीएम कार्ड को ब्लॉक कर सकते हैं। मोबाइल से एटीएम कार्ड कैसे ब्लॉक करना है इसकी पूरी प्रोसेस हम आपको बता रहे हैं।





ATM कार्ड को ब्लॉक करने का तरीका ?
अगर आप इंटरनेट बैंकिंग यूज करते हैं तो आसानी ATM कार्ड को ब्लॉक कर सकते हैं। इसके लिए आपको इंटरनेट बैंकिग में जाकर ATM कार्ड को ब्लॉक करना होगा। इस काम को आप 6 स्टेप में पूरा कर सकते हैं।



स्टेप 1. बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें।
स्टेप 2. यहां ATM service>block ATM Card पर क्लिक करें।
स्टेप 3. अब अपना अकाउंट सिलेक्ट करें, जिसका ATM Debit Card ब्लॉक करना है।
स्टेप 4. एटीएम कार्ड सिलेक्ट करें और Submit बटन पर क्लिक करें और अपनी डिटेल्स वैरीफाई करके conform बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 5. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। जिसको बॉक्स में फिल करके सब्मिट करें।
स्टेप 6. अब आपका ATM कार्ड ब्लॉक हो जाएगा और आपको एक रिफ्रेंस नंबर मिल जाएगा, जिसका उपयोग कर आप नया एटीएम कार्ड ले सकते हैं।



बैंक को मेल कर ATM कार्ड ब्लॉक करें
बैंक द्वारा दी गई कस्टमर केयर की मेल आईडी पर मेल करके भी एटीएम कार्ड को ब्लॉक कराया जा सकता है। सभी बैंकों की अपनी अलग मेल आईडी होती है। इसमें आप एटीएम कार्ड नंबर और खाता नंबर, कार्ड-खाता धारक का नाम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ बैंक को मेल कर कार्ड को ब्लॉक करा सकते हैं।